27 अप्रैल को लगाया था आरटीआई आवेदन, जानकारी नहीं मिलने पर 25 मई को की प्रथम अपील
भंडारा (साकोली) : सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम की अनदेखी करते हुए नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिजर्व, साकोली (जिला भंडारा) कार्यालय द्वारा जानकारी देने में टालमटोल किए जाने का मामला सामने आया है। आवेदक मुकेश खरोले ने 27 अप्रैल 2026 को सूचना के अधिकार के तहत नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिजर्व कार्यालय, साकोली में आवेदन प्रस्तुत किया था। लेकिन निर्धारित समयावधि बीत जाने के बावजूद उन्हें कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
आरटीआई अधिनियम 2005 के अनुसार किसी भी आवेदन पर 30 दिनों के भीतर जानकारी देना संबंधित विभाग के लिए अनिवार्य है। 27 अप्रैल को आवेदन दिए जाने के बाद 27 मई तक जानकारी मिल जानी चाहिए थी, लेकिन विभाग की ओर से न तो कोई सूचना दी गई और न ही किसी प्रकार का जवाब दिया गया।
जानकारी नहीं मिलने पर आवेदक मुकेश खरोले ने 25 मई 2026 को नियमानुसार प्रथम अपील दायर कर दी है। उनका आरोप है कि टाइगर रिजर्व परियोजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं और इन्हीं तथ्यों को छिपाने के लिए जानबूझकर सूचना देने में देरी की जा रही है।
मुकेश खरोले ने कहा कि वन विभाग जैसे संवेदनशील विभाग द्वारा सूचना उपलब्ध नहीं कराना गंभीर विषय है। अब प्रथम अपीलीय अधिकारी इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।









