गोंदिया ( देवरी ) : वन परिक्षेत्र देवरी (प्रादेशिक) अंतर्गत आने वाले चिचेवाडा नियतक्षेत्र में अवैध रूप से मुरुम का उत्खनन और परिवहन करने वाले माफियाओं के खिलाफ वन विभाग ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापामार कार्रवाई में वन विभाग के गश्ती दल ने २ आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है और मौके से उत्खनन में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रैक्टर तथा ट्रॉलियां जब्त की हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वनपरिक्षेत्र अधिकारी देवरी (प्रा.) व वन कर्मचारियों को गोपनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि राखीव वन क्षेत्र में अवैध रूप से मुरुम की खुदाई की जा रही है। इस सूचना पर त्वरित कदम उठाते हुए वन विभाग के गश्ती दल ने दिनांक २०/०६/२०२६ को तड़के (रात्रि) २:०० बजे के आसपास मौजा मल्हारबोडी, गट क्र. ९२, चिचेवाडा (कक्ष क्र. १२२४) में अचानक छापा मारा।
मौके से भारी मात्रा में मुद्देमाल जब्त:
कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने मौके से निम्नलिखित सामग्री और वाहन जब्त किए हैं:
१. एक जॉन डियर कंपनी का ट्रैक्टर, जिसके साथ पीले व लाल रंग की ट्रॉली जुड़ी थी और उसमें लगभग आधा ब्रास अवैध मुरुम भरा हुआ था।
२. एक न्यू हॉलैंड ३०३२ कंपनी का नीले रंग का ट्रैक्टर इंजन और उसके साथ लगी लाल रंग की खाली ट्रॉली।
३. जांच में पाया गया कि आरोपियों द्वारा कुल ८ × ६ × १.५ = ७२ घनमीटर क्षेत्र में अवैध रूप से खुदाई (उत्खनन) की गई थी।
आरोपियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई:
पकड़े गए आरोपियों की पहचान हेमकुवर गजानन बेहकार (उम्र ३३ वर्ष) और जिवनलाल आको शिवनकर (उम्र ४२ वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी ग्राम मुरदोली के रहने वाले हैं और पेशे से ट्रैक्टर चालक हैं।
इस गंभीर मामले में वन विभाग ने वन अपराध क्रमांक १९९१४/४९७८२९-२०२६ दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम १९२७ की धारा २६ (१) ग, ४१, ४२ (१),(२) और ५२ (१),(२) के साथ-साथ महाराष्ट्र वन नियमावली २०१४ के नियम ३१ (१) के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। फिलहाल दोनों आरोपी वन विभाग की हिरासत में हैं और आगे की गहन जांच जारी है।
अधिकारियों की चेतावनी:
वनपरिक्षेत्र अधिकारी (देवरी प्रा.) एस. व्ही. धोटे-मिश्रा ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि वन संपदा का अवैध उत्खनन और तस्करी करने वाले तत्वों पर वन विभाग की पैनी नजर है। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि पर्यावरण और शासकीय वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।








