गोंदिया में दूध मिलावटखोरों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: ‘शिवसागर डेयरी’ सील, सैकड़ों किलो संदेहास्पद माल किया नष्ट

विशेष संवाददाता
गोंदिया : राज्य में दूध में लगातार हो रही मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए गोंदिया जिला दूध मिलावट प्रतिबंधक समिति ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। मानव स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों को सख्त चेतावनी देते हुए समिति ने गुरुवार सुबह 7 बजे दासगांव स्थित ‘शिवसागर डेयरी’ पर अचानक छापेमारी (रेड) की। इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में मिलावटी व अस्वच्छ दुग्ध उत्पाद जब्त कर नष्ट किए गए और डेयरी को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
अपर जिलाधिकारी के नेतृत्व में अचानक छापा
10 सितंबर 2026 को अपर जिलाधिकारी श्री अभिजित घोरपड़े की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मिलावटखोरों के खिलाफ आकस्मिक जांच अभियान चलाने की रणनीति तैयार की गई थी। इसी योजना के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA), दुग्ध व्यवसाय विकास विभाग, वैधमापन शास्त्र (वजन-माप) विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।
निरीक्षण में मिले चौंकाने वाले तथ्य
छापेमारी के दौरान डेयरी परिसर में भयानक गंदगी पाई गई। जांच में सामने आया कि:
• बिना लाइसेंस व्यापार: डेयरी का एफएसएसएआई (FSSAI) खाद्य लाइसेंस काफी समय पहले एक्सपायर (मुद्दत बाह्य) हो चुका था, फिर भी गैरकानूनी तरीके से काम चालू था।
• अज्ञात केमिकल बरामद: मौके से 18 किलो पनीर, 10 किलो दही, 20 किलो दूध, 17 किलो क्रीम, 15 किलो छाछ और 2 किलो मावा (खवा) जब्त किया गया। सबसे गंभीर बात यह रही कि वहां अज्ञात केमिकल भी पाया गया, जिसे जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। किसी भी उत्पाद पर निर्माण तिथि या लेबल नहीं था।
• इलेक्ट्रॉनिक कांटा जब्त: वजन कांटा की समय पर जांच न कराने के कारण वैधमापन विभाग ने कांटा जब्त कर मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
जनप्रतिनिधियों और पुलिस की मौजूदगी में माल नष्ट
कार्रवाई में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्थानीय सरपंच, पुलिस पाटिल, मंडल अधिकारी, ग्रामसेवक और कोतवाल को प्रत्यक्षदर्शी (गवाह) के रूप में बुलाया गया। उनकी मौजूदगी में मानव स्वास्थ्य के लिए घातक इस पूरे संदेहास्पद माल को नष्ट कर दिया गया और दुकान को पूरी तरह से बंद (सील) कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान दुग्धशाला व्यवस्थापक प्रशांत बोरसे, सहायक आयुक्त कुमारी अमृता शिर्के, अन्न सुरक्षा अधिकारी ओंकार लांजेवार, सहायक पुलिस निरीक्षक अभय चव्हाण और वैध मापन निरीक्षक संजय कांबले उपस्थित थे।
मिलावटखोरों को सख्त चेतावनी
समिति के अध्यक्ष तथा अपर जिलाधिकारी श्री अभिजित घोरपड़े ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में इस तरह के आकस्मिक जांच अभियान आगे भी जारी रहेंगे। सभी डेयरी संचालकों को नियम अनुसार वैध लाइसेंस और स्वच्छता के मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
> प्रशासन की अपील:
यदि किसी नागरिक को दूध या दुग्ध उत्पादों (जैसे पनीर, मावा, दही, घी आदि) में मिलावट या अस्वच्छता की आशंका हो, तो तुरंत ‘जिला स्तरीय दूध मिलावट प्रतिबंधक समिति’ से संपर्क करें। शिकायतकर्ता का नाम पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा।

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