देवरी ब्रिज विवाद: जनता vs सिस्टम, फैसला किसके हक में ?

गोंदिया ( देवरी ) : एक तरफ देवरी की जनता साफ कह रही है – “हमें कॉम्पैक्ट ब्रिज नहीं चाहिए”। दूसरी तरफ सिंगल कॉलम ब्रिज की डिमांड जोर पकड़ रही है। और इसी बीच NHAI की टीम मौके पर रोड का मोज-माप कर रही है। 

बीच का रास्ता कौन चुनेगा, इसका फैसला अभी लटका है। लेकिन सबकी नजरें उसी फैसले पर टिकी हैं जो देवरी का भविष्य तय करेगा। 

ग्राउंड रिपोर्ट : जनता में आक्रोश साफ दिख रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि जब उनकी जरूरत कॉम्पैक्ट ब्रिज नहीं है तो फिर थोपा क्यों जा रहा है? सिंगल कॉलम की मांग भी उतनी ही मजबूत है। पर अफसोस, जिन जनप्रतिनिधियों को जनता की आवाज बनना था, वो इस पूरे मामले में सुस्त नजर आ रहे हैं। 

अब सवाल ये है: अगर जनता की नहीं सुनी गई तो इसका असर क्या होगा? 
1. आंदोलन तेज होगा – आक्रोश सड़क पर उतरेगा। 
2. जनप्रतिनिधियों की साख गिरेगी – चुनाव नजदीक हैं, जनता सब देख रही है। 
3. प्रोजेक्ट लेट होगा – बिना सहमति के काम शुरू हुआ तो विरोध के कारण NHAI का मोज-माप भी कागजों में सिमट जाएगा। 

देवरी को चाहिए विकास, पर विकास जनता की मर्जी के बिना नहीं। अब गेंद NHAI और जनप्रतिनिधियों के पाले में है। फैसला क्या होता है, ये आने वाला समय ही बताएगा। 
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