“पत्रकारों को धमकी देना लोकतंत्र को सीधी चुनौती; दोषियों को किसी भी राजनीतिक या सामाजिक दबाव में नहीं मिलेगी माफी” — देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री महाराष्ट्र
महाराष्ट्र : राज्य में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पत्रकारों को धमकाने, उनके साथ मारपीट करने या उनके काम में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सरकार बेहद गंभीरता से कदम उठाएगी। ऐसी प्रवृत्ति के लोगों को अब सीधे सलाखों के पीछे (जेल) जाना पड़ेगा।
लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं पत्रकार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकार और मीडिया चौथा स्तंभ हैं। वे समाज की विभिन्न समस्याओं, जनता की शिकायतों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को नागरिकों तक पहुँचाने का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इसलिए पत्रकारों पर होने वाले हमले, धमकी या उन्हें दबाव में लेने की कोशिशें केवल किसी एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि हमारी पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार हैं।
सुरक्षा के लिए उठाए जाएंगे कड़े कदम
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि पत्रकार बिना किसी डर के निष्पक्षता से अपना काम कर सकें, इसके लिए उन्हें आवश्यक सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। ऐसे मामलों में शामिल दोषियों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक या सामाजिक दबाव में आए तत्काल और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस बीच, विभिन्न पत्रकार संगठनों और मीडिया प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख का स्वागत किया है और राज्य में पत्रकार संरक्षण कानून को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश :
त्वरित कार्रवाई: पत्रकारों को धमकाने और प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ तुरंत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
मामला दर्ज कर गिरफ्तारी: संबंधित आरोपियों के खिलाफ बिना देरी किए तत्काल मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
फास्ट ट्रैक सुनवाई: पत्रकार उत्पीड़न के मामलों की कोर्ट में तेजी से सुनवाई (Fast Track) सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
कानून का प्रभावी क्रियान्वयन: पत्रकार संरक्षण कानून को जमीन पर पूरी कड़ाई के साथ लागू किया जाए।
विशेष सुरक्षा तंत्र: पत्रकारों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष प्रशासनिक तंत्र (Special Cell) तैयार किया जाए।








